
कालीबाड़ी मंदिर, बरेली
मंदिर के बारे में
कालीबाड़ी मंदिर– आस्था, शक्ति और इतिहास का संगम, माँ काली की आराधना का एक प्रमुख और प्राचीन धार्मिक स्थल है। यह मंदिर न केवल श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, बल्कि अपने इतिहास और मान्यताओं के कारण भी विशेष महत्व रखता है। यहाँ आने वाले भक्त माँ काली के दर्शन कर अपने जीवन में सुख, सुरक्षा और सकारात्मक ऊर्जा की कामना करते हैं।
इतिहास और स्थापना की कथा
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, आज जहाँ कालीबाड़ी मंदिर स्थित है, वहाँ पहले श्यामगंज क्षेत्र के पास घना जंगल हुआ करता था। उसी स्थान पर एक छोटा सा मंदिर था, जो समय के साथ एक प्रमुख धार्मिक स्थल के रूप में विकसित हुआ।
मंदिर के इतिहास की बात करें तो इसे लगभग 200 वर्ष पुराना माना जाता है। इस स्थान की महिमा और आस्था के पीछे एक रोचक कथा प्रचलित है। कहा जाता है कि एक प्रसिद्ध बंगाली संत (बाबा) को स्वप्न में माँ काली के दर्शन हुए। स्वप्न में माँ ने उन्हें निर्देश दिया कि इस स्थान पर उनकी प्रतिमा स्थापित की जाए।
इस दिव्य संकेत के बाद यहाँ माँ काली की प्रतिमा स्थापित की गई और धीरे-धीरे इस स्थान पर मंदिर का निर्माण हुआ। समय के साथ यह क्षेत्र “कालीबाड़ी” के नाम से प्रसिद्ध हो गया, और आज यह नाम पूरे बरेली शहर में जाना जाता है।
धार्मिक महत्व और मान्यता
माँ काली को शक्ति, साहस और रक्षा की देवी माना जाता है। कालीबाड़ी मंदिर में उनकी स्थापना के बाद से यह स्थान भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण आस्था केंद्र बन गया।
प्रारंभिक समय में मंदिर के पीछे के हिस्से में माँ काली की गोबर से बनी प्रतिमा स्थापित थी, जो उस समय की श्रद्धा और परंपरा को दर्शाती है। आज यह मंदिर भक्तों के लिए शांति, साहस और सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत माना जाता है।
प्रमुख उत्सव और आयोजन
शनिवार को विशेष पूजा होती है और भक्तों की काफी भीड़ रहती है।
कालीबाड़ी मंदिर में विशेष रूप से:
- नवरात्रि
- काली पूजा (दीपावली के समय)
बहुत धूमधाम से मनाए जाते हैं। इन अवसरों पर मंदिर को सुंदर ढंग से सजाया जाता है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
स्थान और विशेषताएँ
यह मंदिर बरेली के श्यामगंज क्षेत्र के पास स्थित है और शहर के विभिन्न हिस्सों से आसानी से पहुँचा जा सकता है। मंदिर का वातावरण शांत और भक्तिमय है, जो ध्यान और पूजा के लिए अनुकूल माना जाता है।
मंदिर की विशेषताएँ:
- माँ काली की भव्य प्रतिमा
- प्राचीन इतिहास और मान्यता
- शांत और स्वच्छ परिसर
- त्योहारों पर विशेष सजावट
Frequently Asked Questions
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गैलरी (Gallery)


यात्रा विवरण (Visit Details)
प्रातः दर्शन (Morning)
5:00 AM - 1:00 PM
संध्या दर्शन (Evening)
4:00 PM - 10:00 PM
प्रवेश शुल्क (Entry Fee)
सभी के लिए निःशुल्क
कृपया शालीन कपड़े पहनें और मंदिर परिसर के अंदर चमड़े की वस्तुएं ले जाने से बचें। मुख्य गर्भगृह में फोटोग्राफी प्रतिबंधित हो सकती है।
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